azadajay
Life is fun...
Wednesday, October 27, 2010
मेरी ख्वाइश -- दीपक बनना
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अग्नि की लौ में सिमटकर क्यों न एक दीपक बन जाऊं तम प्रकाश का बनकर जाली तम का न...
Tuesday, October 26, 2010
भ्रमर-फूल संवाद
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गुँजन करता एक भँवरा,जब फूल के पास आया देख कली की सुन्दरता को मन ही मन मुस्काया खिली कली को देखकर ,मन ही मन शरमाया रहा नहीं काबू जब मन पर ,...
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