azadajay
Life is fun...
Wednesday, February 9, 2011
A REAL STORY
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एक समय की बात है एक दंपत्ति ने बड़ी उम्मीद से अपने आंगन में यह सोचकर एक पेड़ लगाया था कि कभी बड़ा होकर वह पेड़ उनके आंगन को हरा-भरा बनाएगा...
Tuesday, February 8, 2011
ऐ खुदा
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ऐ खुदा इस जहाँ में तेरे , कोई हँसता ,कोई रोता क्यों ,, इन्सान -इन्सान सब एक समान हैं तो फिर उं...
10 comments:
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one day my friend asked me "Why do we have many temple if god is everywhere ?" I Answered "Why humanity is not eve...
Thursday, January 13, 2011
SHAYRI
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चमकती आखों में ख्वाव दिखाया न करो निभा नही पाते वो कसम खाया न करो , जब तोडना ही है तो दिल लगाते क्यों हो सजा-ए-गम देकर तो तडपाया न करो | ...
Monday, January 3, 2011
str
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vo seen dekhkr meri aankhen dabdba gy.vakai yh seen mere liye kafi ajeeb aur rochk tha . maine mere prti to kbhi ese seen ki klpna bhi nhi ...
Wednesday, December 8, 2010
ताकत कलम की
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क्यूँ रखूं अपनी कलम में स्याही ,, जब कलम से कुछ लिख सकता ही नही . न जाने क्यों व्यर्थ की कोशिश करता हूँ जब कवि या लेखक बन सकता ही नही....
1 comment:
Wednesday, October 27, 2010
मेरी ख्वाइश -- दीपक बनना
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अग्नि की लौ में सिमटकर क्यों न एक दीपक बन जाऊं तम प्रकाश का बनकर जाली तम का न...
Tuesday, October 26, 2010
भ्रमर-फूल संवाद
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गुँजन करता एक भँवरा,जब फूल के पास आया देख कली की सुन्दरता को मन ही मन मुस्काया खिली कली को देखकर ,मन ही मन शरमाया रहा नहीं काबू जब मन पर ,...
2 comments:
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